मैं अल्लाह के इन पूर्ण वचनों की शरण में जाता हूँ, उसकी बनाई बुरी चीज़ों से। (यात — सफ़र के अज़कार
أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ
लिप्यंतरण: A'oodhu bikalimaatillaahit-taammaati min sharri maa khalaq
अनुवाद: मैं अल्लाह के इन पूर्ण वचनों की शरण में जाता हूँ, उसकी बनाई बुरी चीज़ों से। (यात्रा के दौरान किसी भी जगह पर रुकते समय)
संदर्भ: Muslim 4:2080