अल्लाह, मैं यात्रा के कष्ट और वापसी की दुखद स्थिति से आप की पनाह माँगता हूँ। — सफ़र के अज़कार
اللَّهُمَّ إِنَّا نَعُوذُ بِكَ مِنْ وَعْثَاءِ السَّفَرِ وَكَآبَةِ الْمُنْقَلَبِ
लिप्यंतरण: Allaahumma innaa na'oodhu bika min wa'thaa'is-safari wa ka'aabatil-munqalab
अनुवाद: अल्लाह, मैं यात्रा के कष्ट और वापसी की दुखद स्थिति से आप की पनाह माँगता हूँ।
संदर्भ: Muslim 2:978