अल्लाह, मैं अपने परिवार, धन, संतान और हमारे कर्मों का समर्पण आप के हवाले करता हू — सफ़र के अज़कार
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْتَوْدِعُكَ أَهْلِي وَمَالِي وَذُرِّيَّتِي وَخَوَاتِيمَ أَعْمَالِنَا
लिप्यंतरण: Allaahumma innee astawdi'uka ahlee wa maalee wa dhurriyyatee wa khawaateema a'maalinaa
अनुवाद: अल्लाह, मैं अपने परिवार, धन, संतान और हमारे कर्मों का समर्पण आप के हवाले करता हूँ। (यात्रा शुरू करते समय)
संदर्भ: Ahmad, Ibn as-Sunni