Qurani·قرآني
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अल्लाह, मेरे सभी छोटे और बड़े कुल दोष माफ़ कर दो, पहली और आखरी, सार्वजनिक और व्य — मग़फ़िरत

اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي ذَنْبِي كُلَّهُ، دِقَّهُ وَجِلَّهُ، وَأَوَّلَهُ وَآخِرَهُ، وَعَلَانِيَتَهُ وَسِرَّهُ
लिप्यंतरण: Allaahummagh-fir lee dhanbee kullahu, diqqahu wa jillahu, wa awwalahu wa aakhirahu, wa 'alaaniyatahu wa sirrahu
अनुवाद: अल्लाह, मेरे सभी छोटे और बड़े कुल दोष माफ़ कर दो, पहली और आखरी, सार्वजनिक और व्यक्तिगत।
संदर्भ: Muslim 483
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