Qurani·قرآني
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अल्लाह, मुझे मेरी की गई गलती और जो मैं अभी कर रहा हूं, उसके लिए माफी माँगता हूँ, — मग़फ़िरत

اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي مَا قَدَّمْتُ وَمَا أَخَّرْتُ وَمَا أَسْرَرْتُ وَمَا أَعْلَنْتُ وَمَا أَسْرَفْتُ وَمَا أَنْتَ أَعْلَمُ بِهِ مِنِّي
लिप्यंतरण: Allaahummagh-fir lee maa qaddamtu wa maa akhkhartu wa maa asrartu wa maa a'lantu wa maa asraftu wa maa anta a'lamu bihi minnee
अनुवाद: अल्लाह, मुझे मेरी की गई गलती और जो मैं अभी कर रहा हूं, उसके लिए माफी माँगता हूँ, जो मैंने छुपाकर किया और जो मैंने खुलकर किया, जिसकी मात्रा मैं अधिक कर गया और जिसकी आप बेहतर जानने वाले हैं।
संदर्भ: Muslim 1:352
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