अल्लाह, मैं तुझसे लाभकारी ज्ञान, नेक हाली, और स्वीकृत कर्म चाहताहूँ। (फज्र की नम — नमाज़ के बाद के अज़कार
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ عِلْمًا نَافِعًا وَرِزْقًا طَيِّبًا وَعَمَلًا مُتَقَبَّلًا
लिप्यंतरण: Allaahumma innee as'aluka 'ilman naafi'an wa rizqan tayyiban wa 'amalan mutaqabbalaa
अनुवाद: अल्लाह, मैं तुझसे लाभकारी ज्ञान, नेक हाली, और स्वीकृत कर्म चाहताहूँ। (फज्र की नमाज के बाद)
संदर्भ: Ibn Majah 1:152