कोई उपास्य नहीं मगर अल्लाह, उसके बिना साझी नहीं, उसका अधिकार है और वह सब कर सकता — नमाज़ के बाद के अज़कार
اللَّهُ أَكْبَرُ
लिप्यंतरण: Allaahu akbar
अनुवाद: कोई उपास्य नहीं मगर अल्लाह, उसके बिना साझी नहीं, उसका अधिकार है और वह सब कर सकता है। (99 तस्बीह के बाद 100 पूरा करने के लिए कहा गया)
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संदर्भ: Muslim 595