हे अल्लाह, मुझे दफ़्न की सज़ा, आग की सज़ा, जीवन और मृत्यु के फ़ने और झूठे मसीहा — नमाज़ के बाद के अज़कार
اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي ذَنْبِي كُلَّهُ، دِقَّهُ وَجِلَّهُ، وَأَوَّلَهُ وَآخِرَهُ، وَعَلَانِيَتَهُ وَسِرَّهُ
लिप्यंतरण: Allaahummagh-fir lee dhanbee kullahu, diqqahu wa jillahu, wa awwalahu wa aakhirahu, wa 'alaaniyatahu wa sirrahu
अनुवाद: हे अल्लाह, मुझे दफ़्न की सज़ा, आग की सज़ा, जीवन और मृत्यु के फ़ने और झूठे मसीहा (जालिम) की परीक्षा से शरण दो।
संदर्भ: Muslim 483