Qurani·قرآني
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अल्लाह, मेरी मदद कर मुझे याद रखने, धन्यवाद देने, और अच्छा इबादत करने की कृपा कर। — नमाज़ के बाद के अज़कार

اللَّهُمَّ أَعِنِّي عَلَى ذِكْرِكَ وَشُكْرِكَ وَحُسْنِ عِبَادَتِكَ
लिप्यंतरण: Allaahumma a'innee 'alaa dhikrika wa shukrika wa husni 'ibaadatik
अनुवाद: अल्लाह, मेरी मदद कर मुझे याद रखने, धन्यवाद देने, और अच्छा इबादत करने की कृपा कर। (मुआज्ज़ का दुआ — हर नमाज़ के बाद)
संदर्भ: Abu Dawud 2:86, An-Nasa'i
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