Qurani·قرآني
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मुझे अल्लाह की माफी माँगता हूँ और उसकी तरफ तौबा करता हूँ। (100 बार रोजाना — पैगं — सुबह के अज़कार

لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ الْعَلِيِّ الْعَظِيمِ
लिप्यंतरण: La hawla wa la quwwata illa billahil-'Aliyyil-'Azeem
अनुवाद: मुझे अल्लाह की माफी माँगता हूँ और उसकी तरफ तौबा करता हूँ। (100 बार रोजाना — पैगंबर ने ऐसा किया।)
दोहराएं: 10 बार
संदर्भ: Sahih al-Bukhari 6384
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