अल्लाह, मैंने सुबह कर लिया है और मैं तुझसे, तेरा सिंहासन उठाने वाले, तेरे फरिश्त — सुबह के अज़कार
اللَّهُمَّ إِنِّي أَصْبَحْتُ أُشْهِدُكَ وَأُشْهِدُ حَمَلَةَ عَرْشِكَ، وَمَلَائِكَتَكَ وَجَمِيعَ خَلْقِكَ، أَنَّكَ أَنْتَ اللَّهُ لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ وَحْدَكَ لَا شَرِيكَ لَكَ، وَأَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُكَ وَرَسُولُكَ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee asbahtu ush-hiduka wa ush-hidu hamalata 'arshika, wa malaa'ikataka wa jamee'a khalqika, annaka antallahu laa ilaaha illaa anta wahdaka laa shareeka lak, wa anna Muhammadan 'abduka wa rasooluk
अनुवाद: अल्लाह, मैंने सुबह कर लिया है और मैं तुझसे, तेरा सिंहासन उठाने वाले, तेरे फरिश्तों और सारी तेरी सृष्टि से गवाही देने का अनुरोध करता हूँ कि तू ही अल्लाह है — कोई ईश्वर नहीं बल्कि तू अकेले, जिसका कोई साझेदार नहीं — और कि मोहम्मद तेरा बंदा और तेरा पैगंबर है।
दोहराएं: 4 बार
संदर्भ: Abu Dawud 4:317