ऐ अल्लाह! मैं कुफ़्र और मोहताजी (फ़क़्र) से तेरी पनाह माँगता हूँ, और क़ब्र के अज — सुबह के अज़कार
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْكُفْرِ وَالْفَقْرِ، وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ، لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee a'oodhu bika minal-kufri wal-faqr, wa a'oodhu bika min 'adhaabil-qabr, laa ilaaha illaa ant
अनुवाद: ऐ अल्लाह! मैं कुफ़्र और मोहताजी (फ़क़्र) से तेरी पनाह माँगता हूँ, और क़ब्र के अज़ाब से तेरी पनाह माँगता हूँ। तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं।
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संदर्भ: Abu Dawud 4:319, An-Nasa'i 8:282