Qurani·قرآني
हिन्दी

अल्लाह, उसके सिवा कोई माबूद नहीं, वह ज़िन्दा और सबको संभालने वाला है। उसे न ऊँघ — सुबह के अज़कार

آيَةُ الْكُرْسِيِّ: اللَّهُ لَا إِلَهَ إِلَّا هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّومُ ۚ لَا تَأْخُذُهُ سِنَةٌ وَلَا نَوْمٌ ۚ لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ ۗ مَنْ ذَا الَّذِي يَشْفَعُ عِنْدَهُ إِلَّا بِإِذْنِهِ ۚ يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ ۖ وَلَا يُحِيطُونَ بِشَيْءٍ مِنْ عِلْمِهِ إِلَّا بِمَا شَاءَ ۚ وَسِعَ كُرْسِيُّهُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ ۖ وَلَا يَئُودُهُ حِفْظُهُمَا ۚ وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ
लिप्यंतरण: Ayat al-Kursi: Allaahu laa ilaaha illaa huwal-hayyul-qayyoom...
अनुवाद: अल्लाह, उसके सिवा कोई माबूद नहीं, वह ज़िन्दा और सबको संभालने वाला है। उसे न ऊँघ आती है न नींद। जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है सब उसी का है। कौन है जो उसकी इजाज़त के बिना उसके पास सिफ़ारिश कर सके? वह जानता है जो उनके सामने है और जो उनके पीछे है। और वे उसके इल्म में से किसी चीज़ का अहाता नहीं कर सकते सिवाय इसके जो वह चाहे। उसकी कुर्सी आसमानों और ज़मीन को घेरे हुए है और उनकी हिफ़ाज़त उसे थकाती नहीं, और वह बहुत बुलन्द और बहुत अज़ीम (बड़ा) है।
संदर्भ: Quran 2:255
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