ओ मेरे रब, तेरी शोभा और तेरा अधिकार जैसे कि तेरे मुख का सम्मान है और तेरे राज की — सुबह के अज़कार
يَا رَبِّ لَكَ الْحَمْدُ كَمَا يَنْبَغِي لِجَلَالِ وَجْهِكَ وَلِعَظِيمِ سُلْطَانِكَ
लिप्यंतरण: Yaa rabbi lakal-hamdu kamaa yanbaghee lijalali wajhika wa li'adheemi sultaanik
अनुवाद: ओ मेरे रब, तेरी शोभा और तेरा अधिकार जैसे कि तेरे मुख का सम्मान है और तेरे राज की महानता के अनुरूप प्रशंसा हो।
संदर्भ: Ibn Majah 2:1249