ऐ अल्लाह! मैं तुझसे माँगता हूँ इस आधार पर कि तमाम प्रशंसा तेरे ही लिए है, तेरे स — सुबह के अज़कार
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ بِأَنَّ لَكَ الْحَمْدَ لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ الْمَنَّانُ بَدِيعُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ يَا ذَا الْجَلَالِ وَالْإِكْرَامِ يَا حَيُّ يَا قَيُّومُ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee as'aluka bi-anna lakal-hamdu laa ilaaha illaa antal-mannaanu badee'us-samaawaati wal-ardi yaa dhal-jalaali wal-ikraam yaa Hayyu yaa Qayyoom
अनुवाद: ऐ अल्लाह! मैं तुझसे माँगता हूँ इस आधार पर कि तमाम प्रशंसा तेरे ही लिए है, तेरे सिवा कोई माबूद (पूज्य) नहीं, तू बहुत देने वाला है, आसमानों और ज़मीन को बिना किसी पूर्व नमूने के पैदा करने वाला है, ऐ महिमा और सम्मान के स्वामी, ऐ सर्वदा जीवित और सबको संभालने वाले!
संदर्भ: Abu Dawud, An-Nasa'i, Ibn Majah