अल्लाह, मैं तुझसे उस बात से तसली देता हूँ कि सारी प्रशंसा तेरी ही है। कोई खुदा न — सुबह के अज़कार
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ بِأَنَّ لَكَ الْحَمْدَ لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ الْمَنَّانُ بَدِيعُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ يَا ذَا الْجَلَالِ وَالْإِكْرَامِ يَا حَيُّ يَا قَيُّومُ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee as'aluka bi-anna lakal-hamdu laa ilaaha illaa antal-mannaanu badee'us-samaawaati wal-ardi yaa dhal-jalaali wal-ikraam yaa Hayyu yaa Qayyoom
अनुवाद: अल्लाह, मैं तुझसे उस बात से तसली देता हूँ कि सारी प्रशंसा तेरी ही है। कोई खुदा नहीं बल्कि तू, देने वाला, आकाश और पृथ्वी का जन्म देने वाला। महानता और सम्मान का मालिक, जीवित, आत्मनिर्भर।
संदर्भ: Abu Dawud, An-Nasa'i, Ibn Majah