अल्लाह, जो भी बदौलत मुझे या तेरी किसी भी सृष्टि को इस सुबह प्राप्त होती है, वह क — सुबह के अज़कार
اللَّهُمَّ مَا أَصْبَحَ بِي مِنْ نِعْمَةٍ أَوْ بِأَحَدٍ مِنْ خَلْقِكَ فَمِنْكَ وَحْدَكَ لَا شَرِيكَ لَكَ فَلَكَ الْحَمْدُ وَلَكَ الشُّكْرُ
लिप्यंतरण: Allaahumma maa asbaha bee min ni'matin aw bi-ahadin min khalqika faminka wahdaka laa shareeka lak falakal-hamdu wa lakash-shukr
अनुवाद: अल्लाह, जो भी बदौलत मुझे या तेरी किसी भी सृष्टि को इस सुबह प्राप्त होती है, वह केवल तेरे द्वारा है, बिना किसी साझेदार के। तो तुझ ही को सभी प्रशंसा और धन्यवाद है। (जो कोई यह कहता है, उसने सुबह की कृतज्ञता पूरी कर ली है।)
संदर्भ: Abu Dawud 4:318