तमाम तारीफ़ें उस अल्लाह के लिए हैं जिसने मेरी लग़्ज़िशों (ग़लतियों) को माफ़ फ़रम — सुबह के अज़कार
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَقَالَنِي عَثْرَتِي وَأَقَالَ عَثَرَاتِ الْمُسْلِمِينَ
लिप्यंतरण: Alhamdu lillaahil-ladhee aqaalanee 'athratee wa aqaala 'atharaatil-muslimeen
अनुवाद: तमाम तारीफ़ें उस अल्लाह के लिए हैं जिसने मेरी लग़्ज़िशों (ग़लतियों) को माफ़ फ़रमाया और मुसलमानों की लग़्ज़िशों को माफ़ फ़रमाया।
संदर्भ: Ibn as-Sunni