Qurani·قرآني
हिन्दी

कहो: मैं सुबह के रब से refuge चाहता हूँ। उसकी बनाई हुई बुरी बातों से। अंधेरी रात — सुबह के अज़कार

قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ۝ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ ۝ وَمِنْ شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ۝ وَمِنْ شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ ۝ وَمِنْ شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ
लिप्यंतरण: Qul a'oodhu birabbil-falaq. Min sharri maa khalaq. Wa min sharri ghaasiqin idhaa waqab. Wa min sharrin-naffaathaati fil-'uqad. Wa min sharri haasidin idhaa hasad.
अनुवाद: कहो: मैं सुबह के रब से refuge चाहता हूँ। उसकी बनाई हुई बुरी बातों से। अंधेरी रात की बुरी बातों से। जो गाँठें सूतते हैं, उनकी बुरी बातों से। ईर्ष्यान्वित के ईर्ष्या करने की बुरी बातों से। (सूरह अल-फ़ालक)
दोहराएं: 3 बार
संदर्भ: Abu Dawud 4:322
श्रेणी पर लौटें Qurani ऐप में खोलें