कह दीजिए: मैं पनाह माँगता हूँ इंसानों के रब की। इंसानों के बादशाह की। इंसानों के — सुबह के अज़कार
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ مَلِكِ النَّاسِ إِلَهِ النَّاسِ مِنْ شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ
लिप्यंतरण: Qul a'oodhu birabbin-naas. Malikin-naas. Ilaahin-naas. Min sharril-waswaasil-khannaas. Alladhee yuwaswisu fee sudoorin-naas. Minal-jinnati wannaas.
अनुवाद: कह दीजिए: मैं पनाह माँगता हूँ इंसानों के रब की। इंसानों के बादशाह की। इंसानों के माबूद की। पीछे हट जाने वाले वसवसा डालने वाले (शैतान) की बुराई से। जो लोगों के सीनों में वसवसे डालता है। चाहे वह जिन्नों में से हो या इंसानों में से।
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संदर्भ: Abu Dawud 4:322