अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं, उसी की ब — सुबह के अज़कार
لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ، يُحْيِي وَيُمِيتُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
लिप्यंतरण: Laa ilaaha illallaahu wahdahu laa shareeka lah, lahul-mulku wa lahul-hamd, yuhyee wa yumeetu wa huwa 'alaa kulli shay'in qadeer
अनुवाद: अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं, उसी की बादशाही है और उसी के लिए तमाम तारीफ़ें हैं, वही ज़िन्दगी देता है और मौत देता है, और वह हर चीज़ पर पूरी कुदरत रखने वाला है।
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संदर्भ: Tirmidhi 5:515