Qurani·قرآني
हिन्दी

अल्लाह की слав और प्रशंसा उस की خلق के जितनी बार, जितनी खुशी उससे है, उतनी भारी — सुबह के अज़कार

سُبْحَانَ اللَّهِ وَبِحَمْدِهِ عَدَدَ خَلْقِهِ وَرِضَا نَفْسِهِ وَزِنَةَ عَرْشِهِ وَمِدَادَ كَلِمَاتِهِ
लिप्यंतरण: Subhaanallaahi wa bihamdihi 'adada khalqihi wa ridaa nafsihi wa zinata 'arshihi wa midaada kalimaatih
अनुवाद: अल्लाह की слав और प्रशंसा उस की خلق के जितनी बार, जितनी खुशी उससे है, उतनी भारी उसकी सिंहासन के जितनी, और जितने शब्द उसके हैं, उतने ही।
दोहराएं: 3 बार
संदर्भ: Muslim 4:2090
श्रेणी पर लौटें Qurani ऐप में खोलें