Qurani·قرآني
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अल्लाह, मैं तुझसे इस दिन की भलाई माँगता हूँ: इसकी शुरुआत, इसकी सहायता, इसकी रोशन — सुबह के अज़कार

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَ هَذَا الْيَوْمِ فَتْحَهُ وَنَصْرَهُ وَنُورَهُ وَبَرَكَتَهُ وَهُدَاهُ وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّ مَا فِيهِ وَشَرِّ مَا بَعْدَهُ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee as'aluka khayra haadhal-yawm fat-hahu wa nasrahu wa noorahu wa barakatahu wa hudaahu wa a'oodhu bika min sharri maa feehi wa sharri maa ba'dah
अनुवाद: अल्लाह, मैं तुझसे इस दिन की भलाई माँगता हूँ: इसकी शुरुआत, इसकी सहायता, इसकी रोशनी, इसकी बरकतें और हिदायत। और मैं तेरे पास इसकी बुराई और उसके बाद की बुराई से शरण चाहता हूँ।
संदर्भ: Abu Dawud 4:322
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