Qurani·قرآني
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हे अल्लाह, मुझे अपने गुप्त और प्रकट किए गए पाप माफ़ कर दें, और जो गलती से किया ह — सोने के अज़कार

اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي مَا أَسْرَرْتُ وَمَا أَعْلَنْتُ وَمَا أَخْطَأْتُ وَمَا عَمَدْتُ
लिप्यंतरण: Allaahummagh-fir lee maa asrartu wa maa a'lantu wa maa akhta'tu wa maa 'amadtu
अनुवाद: हे अल्लाह, मुझे अपने गुप्त और प्रकट किए गए पाप माफ़ कर दें, और जो गलती से किया है या जानबूझकर किया है।
संदर्भ: An-Nasa'i
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