इसी के सिवा कोई उपास्य नहीं, वह अकेला है, उसका साझी नहीं। उसका अधिकार है और उसकी — सोने के अज़कार
لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ، لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ، سُبْحَانَ اللَّهِ وَالْحَمْدُ لِلَّهِ وَلَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَاللَّهُ أَكْبَرُ
लिप्यंतरण: Laa ilaaha illallaahu wahdahu laa shareeka lah, lahul-mulku wa lahul-hamdu wa huwa 'alaa kulli shay'in qadeer. Laa hawla wa laa quwwata illaa billaah. Subhaanallaah walhamdu lillaah wa laa ilaaha illallaah wallaahu akbar
अनुवाद: इसी के सिवा कोई उपास्य नहीं, वह अकेला है, उसका साझी नहीं। उसका अधिकार है और उसकी प्रशंसा। वह सब कुछ कर सकता है। अल्लाह के सिवा कोई शक्ति या बल नहीं। महिमा है अल्लाह की, प्रशंसा है अल्लाह की, कोई ईश्वर नहीं मगर अल्लाह, और अल्लाह ही सबसे बड़ा है।
संदर्भ: Bukhari 7:150