मैं तेरी पुस्तक पर ईमान लाता हूँ जिसे तू ने उतारा है और अपने पैगंबर पर जिसे तू न — सोने के अज़कार
آمَنْتُ بِكِتَابِكَ الَّذِي أَنْزَلْتَ وَبِنَبِيِّكَ الَّذِي أَرْسَلْتَ
लिप्यंतरण: Aamantu bikitaabikal-ladhee anzalt wa binabiyyikal-ladhee arsalt
अनुवाद: मैं तेरी पुस्तक पर ईमान लाता हूँ जिसे तू ने उतारा है और अपने पैगंबर पर जिसे तू ने भेजा है। (सोने से पहले अंतिम शब्द)
संदर्भ: Bukhari 11:113, Muslim 4:2081