Qurani·قرآني
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महिमा है अल्लाह की। (33 बार कहें — फातिहा की तस्बीह सोने से पहले) — सोने के अज़कार

سُبْحَانَ اللَّهِ
लिप्यंतरण: Subhaanallaah
अनुवाद: महिमा है अल्लाह की। (33 बार कहें — फातिहा की तस्बीह सोने से पहले)
दोहराएं: 33 बार
संदर्भ: Bukhari, Muslim
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