मैं अल्लाह की माफ़ी चाहता हूँ और उसकी तरफ तौबा करता हूँ। — शाम के अज़कार
اللَّهُمَّ صَلِّ وَسَلِّمْ عَلَى نَبِيِّنَا مُحَمَّدٍ
लिप्यंतरण: Allaahumma salli wa sallim 'alaa nabiyyinaa Muhammad
अनुवाद: मैं अल्लाह की माफ़ी चाहता हूँ और उसकी तरफ तौबा करता हूँ।
दोहराएं: 10 बार
संदर्भ: At-Tabarani