Qurani·قرآني
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ऐ अल्लाह! मेरी हिफ़ाज़त फरमा—मेरे सामने से, मेरे पीछे से, मेरे दाएँ से, मेरे बाए — शाम के अज़कार

اللَّهُمَّ احْفَظْنِي مِنْ بَيْنِ يَدَيَّ، وَمِنْ خَلْفِي، وَعَنْ يَمِينِي، وَعَنْ شِمَالِي، وَمِنْ فَوْقِي، وَأَعُوذُ بِعَظَمَتِكَ أَنْ أُغْتَالَ مِنْ تَحْتِي
लिप्यंतरण: Allaahummah-fadhnee min bayni yadayya, wa min khalfee, wa 'an yameenee, wa 'an shimaalee, wa min fawqee, wa a'oodhu bi'adhamatika an ughtaala min tahtee
अनुवाद: ऐ अल्लाह! मेरी हिफ़ाज़त फरमा—मेरे सामने से, मेरे पीछे से, मेरे दाएँ से, मेरे बाएँ से और मेरे ऊपर से। और मैं तेरी अज़मत (बड़ाई) की पनाह माँगता हूँ इस बात से कि मैं अपने नीचे से अचानक धँसा दिया जाऊँ।
संदर्भ: Abu Dawud 4:318
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