मुझे अपने ऊपर भरोसा है। तेरा कोई साझी नहीं। मुझमें भरोसा इसी में है और तू विशाल — शाम के अज़कार
حَسْبِيَ اللَّهُ لَا إِلَهَ إِلَّا هُوَ عَلَيْهِ تَوَكَّلْتُ وَهُوَ رَبُّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ
लिप्यंतरण: Hasbiyallaahu laa ilaaha illaa huwa 'alayhi tawakkaltu wa huwa rabbul-'arshil-'adheem
अनुवाद: मुझे अपने ऊपर भरोसा है। तेरा कोई साझी नहीं। मुझमें भरोसा इसी में है और तू विशाल सिंहासन का स्वामी है।
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संदर्भ: Abu Dawud 4:321