कोई शक्ति या बल नहीं ही बल्कि अल्लाह के साथ है। (स्वर्ग का खज़ाना) — शाम के अज़कार
لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ
लिप्यंतरण: Laa hawla wa laa quwwata illaa billaah
अनुवाद: कोई शक्ति या बल नहीं ही बल्कि अल्लाह के साथ है। (स्वर्ग का खज़ाना)
दोहराएं: 10 बार
संदर्भ: Bukhari 7:168