Qurani·قرآني
हिन्दी

ऐ अल्लाह! मुझे अपने उन नेक बंदों में शामिल कर दे जिन्हें न कोई डर होगा और न वे द — शाम के अज़कार

اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي مِنْ عِبَادِكَ الصَّالِحِينَ الَّذِينَ لَا خَوْفٌ عَلَيْهِمْ وَلَا هُمْ يَحْزَنُونَ
लिप्यंतरण: Allaahummaj-'alnee min 'ibaadakas-saaliheenal-ladheena laa khawfun 'alayhim wa laa hum yahzanoon
अनुवाद: ऐ अल्लाह! मुझे अपने उन नेक बंदों में शामिल कर दे जिन्हें न कोई डर होगा और न वे दुखी होंगे।
संदर्भ: Quran 2:62
श्रेणी पर लौटें Qurani ऐप में खोलें