Qurani·قرآني
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मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ और उसकी तरफ रुख़ करता हूँ। (100 बार रोजाना) — शाम के अज़कार

أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ وَأَتُوبُ إِلَيْهِ
लिप्यंतरण: Astaghfirullaaha wa atoobu ilayh
अनुवाद: मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ और उसकी तरफ रुख़ करता हूँ। (100 बार रोजाना)
दोहराएं: 100 बार
संदर्भ: Bukhari 7:168
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