ऐ अल्लाह! मैं तुझसे इस रात की भलाई और इसमें जो कुछ है उसकी भलाई माँगता हूँ, और इ — शाम के अज़कार
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَ هَذِهِ اللَّيْلَةِ وَخَيْرَ مَا فِيهَا وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّهَا وَشَرِّ مَا فِيهَا
लिप्यंतरण: Allaahumma innee as'aluka khayra haadhihil-laylati wa khayra maa feehaa wa a'oodhu bika min sharrihaa wa sharri maa feehaa
अनुवाद: ऐ अल्लाह! मैं तुझसे इस रात की भलाई और इसमें जो कुछ है उसकी भलाई माँगता हूँ, और इस रात की बुराई और इसमें जो कुछ है उसकी बुराई से तेरी पनाह माँगता हूँ।
संदर्भ: Abu Dawud 4:322