अल्लाह अपनी हम्द (तारीफ़) के साथ पाक है, उसकी मख़्लूक़ की तादाद के बराबर, उसकी अ — शाम के अज़कार
سُبْحَانَ اللَّهِ وَبِحَمْدِهِ عَدَدَ خَلْقِهِ وَرِضَا نَفْسِهِ وَزِنَةَ عَرْشِهِ وَمِدَادَ كَلِمَاتِهِ
लिप्यंतरण: Subhaanallaahi wa bihamdihi, 'adada khalqihi, wa ridhaa nafsihi, wa zinata 'arshihi, wa midaada kalimaatihi
अनुवाद: अल्लाह अपनी हम्द (तारीफ़) के साथ पाक है, उसकी मख़्लूक़ की तादाद के बराबर, उसकी अपनी रज़ा के मुताबिक़, उसके अर्श के वज़न के बराबर और उसके कलिमों की स्याही (रोशनाई) के बराबर।
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संदर्भ: Muslim 4:2090