ऐ अल्लाह, तेरे ही नाम से हमने शाम की और तेरे ही नाम से हमने सुबह की, तेरे ही हुक — शाम के अज़कार
اللَّهُمَّ بِكَ أَمْسَيْنَا وَبِكَ أَصْبَحْنَا وَبِكَ نَحْيَا وَبِكَ نَمُوتُ وَإِلَيْكَ الْمَصِيرُ
लिप्यंतरण: Allaahumma bika amsaynaa, wa bika asbahnaa, wa bika nahyaa, wa bika namootu, wa ilaykal-maseer
अनुवाद: ऐ अल्लाह, तेरे ही नाम से हमने शाम की और तेरे ही नाम से हमने सुबह की, तेरे ही हुक्म से हम जीते हैं और तेरे ही हुक्म से हम मरते हैं, और तेरी ही तरफ लौट कर जाना है।
संदर्भ: Abu Dawud, Tirmidhi