Qurani·قرآني
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ऐ अल्लाह! मैंने शाम की इस हाल में कि मैं तेरी तरफ से नेमत, आफियत और पर्दापोशी मे — शाम के अज़कार

اللَّهُمَّ إِنِّي أَمْسَيْتُ مِنْكَ فِي نِعْمَةٍ وَعَافِيَةٍ وَسِتْرٍ، فَأَتِمَّ نِعْمَتَكَ عَلَيَّ وَعَافِيَتَكَ وَسِتْرَكَ فِي الدُّنْيَا وَالْآخِرَةِ
लिप्यंतरण: Allaahumma innee amsaytu minka fee ni'matin wa 'aafiyatin wa sitr, fa-atimma ni'mataka 'alayya wa 'aafiyataka wa sitraka fid-dunyaa wal-aakhirah
अनुवाद: ऐ अल्लाह! मैंने शाम की इस हाल में कि मैं तेरी तरफ से नेमत, आफियत और पर्दापोशी में हूँ। बस तू अपनी नेमत, आफियत और पर्दापोशी को दुनिया और आख़िरत में मुझ पर मुकम्मल फरमा दे।
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संदर्भ: Ibn as-Sunni 1:43
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