Qurani·قرآني
हिन्दी

हे अल्लाह, जो भी आशीर्वाद मैंने या आपकी किसी भी एक रचना को इस शाम में मिला है, व — शाम के अज़कार

اللَّهُمَّ مَا أَمْسَى بِي مِنْ نِعْمَةٍ أَوْ بِأَحَدٍ مِنْ خَلْقِكَ فَمِنْكَ وَحْدَكَ لَا شَرِيكَ لَكَ فَلَكَ الْحَمْدُ وَلَكَ الشُّكْرُ
लिप्यंतरण: Allaahumma maa amsaa bee min ni'matin aw bi-ahadin min khalqika faminka wahdaka laa shareeka lak falakal-hamdu wa lakash-shukr
अनुवाद: हे अल्लाह, जो भी आशीर्वाद मैंने या आपकी किसी भी एक रचना को इस शाम में मिला है, वह सिर्फ आप ही के हैं, उनका कोई भागीदार नहीं। तो सभी प्रशंसा और धन्यवाद आपका ही है।
संदर्भ: Abu Dawud 4:318
श्रेणी पर लौटें Qurani ऐप में खोलें