Qurani·قرآني
हिन्दी

उस नाम से अल्लाह कि जिसके नाम से पृथ्वी और स्वर्ग में कोई हानि नहीं पहुंचा सकता, — शाम के अज़कार

بِسْمِ اللَّهِ الَّذِي لَا يَضُرُّ مَعَ اسْمِهِ شَيْءٌ فِي الْأَرْضِ وَلَا فِي السَّمَاءِ وَهُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ
लिप्यंतरण: Bismillaahil-ladhee laa yadurru ma'asmihi shay'un fil-ardi wa laa fis-samaa'i wa huwas-samee'ul-'aleem
अनुवाद: उस नाम से अल्लाह कि जिसके नाम से पृथ्वी और स्वर्ग में कोई हानि नहीं पहुंचा सकता, और वही सब सुनने वाला, सब जानने वाला है।
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संदर्भ: Abu Dawud 4:323, Tirmidhi 5:465
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